इस दुनियां मेें ऐसे कई देश हैं, जहां ईशनिंदा पर फांसी दे दी जाती है, केबीसी के डायलॉग लिखने वाले वरिष्ठ पत्रकार आलोक तौमर को महीनों तक जेल में इसलिए रहना पड़ा क्योंकि उन्होंने फ्रांस की एक मैगजीन में छपे मोहम्मद साहब के इलस्ट्रेसन को छाप दिया था। वहीं हिंदू इतने सहिष्णु हैं कि कई देश चप्पल, जूतों से लेकर फुट स्टेप और टॉयलेट सीट तक उनके देवी देवताओं की तस्वीरें छापते रहते हैं। ताजा मामला है मस्ती की नगरी लास वेगास का। एक मशहूर नाइट क्लब, कैसीनो और होटल ग्रुप के कैसीनो, बार की जब अंदर की तस्वीरें वायरल हुईं तो हंगामा मच गया। हसीनाएं महावीर जी की गोद में कम कपड़ों में बैठकर पोज दे रही हैं, तो गणेश जी की मूर्ति के आगे पैग छलकाए जा रहे हैं।

जयपुर के रहने वाले हैं अभिषेक जैन, उन्होंने तस्वीरें शेयर कीं, मामला आगे बढ़ा, लास वेगास तक पहुंचा तो इस नाइट क्लब ग्रुप ने माफी मांग ली है और कहा है कि वो इन सब मूर्तियों का हटा लेंगे।

फाउंडेशन रूम के खिलाफ कई धर्मों के लोग इकट्ठे हुए, कम से कम 5 अमेरिकी धर्मगुरूओं ने ये मामला उठाया। चेतावनी जारी की गई है कि फाउंडेशन रूम और होटल ब्लूज के खिलाफ धार्मिक भेदभाव और रेसिज्म का केस किया जा सकता है, प्रदर्शन किया जा सकता है। ये चेतावनी असरदार साबित हुई और फिलहाल फाउंडेशन रूम को बंद कर दिया गया है।

हालांकि अभी तक फाउंडेशन रूम ने अपने माफी नामे में केवल महावीर जी की मूर्ति को हटाने की बात कही है, जबकि इस क्लब के तमाम वीडियोज जो यूट्यूब और उनकी खुद की वेबसाइट पर पड़े हैं, वो बताते हैं कि गणेश जी की एक बड़ी मूर्ति के अलावा कई हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां भी वहां अलग अलग कोनों में लगी हैं। जब तक वो सब ना हट जाएं, इन लोगों को अपनी जंग जारी रखनी होगी।