एक तेलुगु फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई है, नाम है ‘कृष्णा एंड हिज लीला’, की कहानी और पात्रों ने सीधे सीधे भगवान श्री कृष्ण और उनकी पत्नियों, राधा आदि से उनके रिश्तों को लेकर निशाना साधा है। जिस देश में मोहम्मद साहब का फोटो, रेखाचित्र तक बनाना गुनाह है, वहां एक श्री कृष्ण को एक छिछोरे की तरह मूवी में दिखाया गया है। इस फिल्म में ना केवल कृष्ण के नाम का पात्र है बल्कि उसकी प्रेमिकाओं के नाम भी राधा, सत्यभामा, रुक्मिणी जैसे रखे गए हैं। चूंकि मूवी सिनेमाहॉल्स में आती तो सेंसर बोर्ड से पास करवाना पड़ता, तो वेबसीरीज के प्लेटफॉर्म पर उतारने का रास्ता ढूंढा गया है।

किरदारों के नाम जानबूझकर देवी देवताओं के नाम पर रखे गए हैं ताकि आप मूवी देखते वक्त भगवान कृष्ण के किरदार को मन में रखते हुए फिल्मी हीरो के छिछोरेपन को भगवान से जोड़ें। फिल्म का डायरेक्टर है रविकांत पेरुपू, जिसने फिल्म के हीरो सिद्धू जोन्नालगड्डा के साथ मिलकर इस कहानी को लिखा और डायरेक्ट किया है। आप मूवी के ट्रेलर में ही कई किस सींस से ये समझ जाएंगे कि मूवी का मकसद क्या है?

इस मूवी में दिखाया गया है कि कैसे कृष्णा नाम का लड़का अपने स्कूल के प्यार राधा और अपनी सीनियर सत्या के साथ लव रिलेशंस में होता है, जिनमें बीच बीच में कन्फ्यूजन और बचपने के चलते रिश्ते बनते बिगड़ते रहते हैं और एंट्री होती है रुखसार (रुकमणी) की जो इस त्रिकोणीय लव स्टोरी को बाहर से देख रही होती है। कुल मिलाकर इस मूवी में कृष्णा के 3 लड़कियों से रिश्ते दिखाए गए हैं, सभी के साथ उसको रोमांटिक और स्टीमी सींस मूवी में डाले गए हैं।

Krishna and His Leela quietly streaming on Netflix | telugucinema.com

मूवी को वायकॉम 18 ने प्रोडयूस किया है और नेटफ्लिक्स पर रिलीज भी कर दी गई है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आप 3 से रोमांस करवाओ अपने हीरो को या 23 से, आपको भगवान कृष्ण और उनसे जुड़ी महिलाओं के किरदारों के नाम लेने की जरुरत क्या थी? जब सलमान खान अपने गाने ‘वो करें तो रासलीला, मैं करूं तो करेक्टर ढीला’ लेकर आए थे, तब भी कृष्ण को मजाक मजाक में निशाने पर लिया गया था? तब भी बेहद सहिष्णु किस्म के हिंदू इसका विरोध करने के बजाय इस गाने पर डांस करते रहे।

Krishna and His Leela Review | Krishna and His Leela Netflix Review

लेकिन उसी सहिष्णुता का फायदा नहीं उठाया जा रहा क्या? इस देश में कोई मोहम्मद साहब पर इस तरह की फिल्म बना सकता है क्या? तो केवल राम या कृष्ण को ही निशाने पर क्यों लिया जाता है? आपको ध्यान होगी रजनीकांत की मूवी काला, किस तरह से उसमें नाना पाटेकर के किरदार को भगवान राम की की तरह दिखाकर विलेन बना दिया गया था, और उनके सहयोगी को गदा उठाकर बस्ती में आग लगाते हुए दिखाया गया और इस तरह से हनुमान के लंका दहन को एक नया एंगल देने की कोशिश की गई थी। इसी तरह मणि रत्नम ने अपनी फिल्म ‘रावण’ में ऐश्वर्या का विक्रम की तरफ भी खिंचाव दिखाकर ये जताने की कोशिश की गई थी कि सीता माता के मन में भी रावण की तरफ एक सॉफ्ट कॉर्नर पैदा हो गया था।

आखिर इन सब हरकतों को किया ही क्यों जाता है? ये फेहरिश्त लम्बी है, जिस देश में एक पत्रकार को मोहम्मद साहब की तस्वीर छापने पर महीनों जमानत नहीं मिलती, उस देश में राम और कृष्ण का चरित्र हनन करना आसान क्यों है? क्यों कोई भी सैक्सी दु्र्गा नाम से मूवी बना लेता है? क्या दुनियां को योग देने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण में उनको यही दिखता है, वो क्यों भूल जाते हैं कि कृष्ण को सभी ने अपने हिसाब से गढ़ा है, उनके आस पास का हर किरदार अपने पीछे एक शिक्षा लेकर आता है, एक संदेश देता है। उनके जीवन की हर लीला में गीता का उपदेश है। जिन 16108 लड़कियों ने नरकासुर की मौत के बाद उनसे शादी करने की इच्छा जाहिर की थी, वो एक तरह से संदेश था कि कोई भी पतित नहीं है, भगवान तक उनसे शादी करने को तैयार हैं, तो आम मनुष्य क्यों पीछे रहे?

Krishna and His Leela (2020) - IMDb

वो तो गृहस्थ आश्रम की परेशानियों को झेलकर, आम बच्चे की तरह माखन चुराकर, आम युवा की तरह प्रेेम करके, आम जन की तरह चतुराइयों से युद्ध जीतकर सिखा रहे थे कि कैसे एक व्यक्ति अपने कर्म पथ पर यौगिक मस्तिष्क से भवसागर को पार कर सकता है। उनको सबने अपने अपने हिसाब से गढ़ा, लिखा है, लेकिन किसी ने उनके चरित्र का हनन करने की कोशिश कभी नहीं की। लेकिन वेबसीरीज के प्लेटफॉर्म्स ने अतिवादी प्रयोगकर्ताओं को ऐसा मौका दे दिया है तो शक भी होता है कि ये कृष्ण को महिमामंडित करना चाहते हैं या उसी इंटरनेशनल साजिश का हिस्सा है जो सनातन धर्म और भारत के खिलाफ चलाई जा रही है। ताकि भारत की नई पीढ़ी के बीच उनके देवताओं का मजाक उड़ाकर उन पर विश्वास की नींव को कमजोर करके अपने मकसद में कामयाब हुआ जा सके।