मराठी और उत्तर भारतीय का इतना पुराना मुद्दा है कि लोग अब इस मुद्दे पर बात भी तभी करते हैं, जब कोई बड़ा बवाल हो जाए। ना दोनों की एक दूसरे के बिना बनती है और ना लोग इन दोनों की ज्यादा बनते देखना पसंद करते हैं। ऐसे में एक ऐसी मूवी बनाना, जिसमें उत्तर भारतीयों के लिए कोई मराठी लड़े और उसका रोल भी किसी उत्तर भारतीय हीरो ने ही किया हो, तो बात कुछ बन सकती है। शायद दोनों पक्ष एक दूसरे की चिंताओं, आकांक्षाओं और परेशानियों को बेहतरी से समझ पाएं। मनोज बाजपेयी की 26 जून को रिलीज हो रही मूवी ‘भोंसले’ में आप सबको ये देखने को मिलेगा Soni Liv पर।

कहानी है एक ऐसे रिटायर्ड पुलिस वाले भोंसले (मनोज बाजपेयी) की, जो एक सोसायटी में रहता है और उसकी दोस्ती एक उत्तर भारतीय भाई बहन से हो जाती है। लेकिन जब मराठी-उत्तर भारतीयों के बीच नफरत की आग नेता भड़काने की कोशिश करते हैं तो रास्ते में आ जाता है खुद भोंसले, जिसकी इज्जत उसकी सोसायटी में इतनी ज्यादा है कि कोई उसके खिलाफ बोल नहीं पाता। लेकिन फिर भी बिना उसकी मर्जी के कुछ ऐसा होता है कि वो अपने मराठी भाइयों के खिलाफ ही उठ खड़ा होता है।

इस मूवी के साथ इस फिल्म के डायरेक्टर देवाशीष मखीजा का काफी संघर्ष जुड़ा है, 2011 से वो स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, बड़ी मुश्किल से मनोज बाजपेयी के साथ 11 मिनट की एक शॉर्ट फिल्म बनाने का मौका मिला, उसकी तारीफ हुई तो मनोज बाजपेयी ने ना केवल लीड रोल दिलवाया बल्कि फिल्म प्रोडयूस करने में भी मदद की, अपना भी पैसा लगाया और संदीप कपूर जैसे अपने पुराने प्रोडयूसर दोस्तों से भी पैसा लगवाया। फिल्म का पहला लुक कान फिल्म फेस्टीवल 2018 में लांच किया गया था, उसके बाद बुसान, सिंगापुर, मामी, बैंगलौर समेत तमाम देशी विदेशी फिल्म फेस्टीवल्स में सराही जा चुकी है।

सबसे खास है इस मूवी में मनोज बाजपेयी का लुक और एक्टिंग। 2 दिन तक 70000 की भीड़ के बीच मनोज बाजपेयी ने गणपति बप्पा के जुलूसों में शूट किया लेकिन कोई उन्हें पहचान नहीं पाया। मनोज वैसे ही इतने काबिल अभिनेता हैं, लेकिन एक बड़े विवादित और संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म बनाते वक्त तो उन्होंने जान लगा दी है।

फिल्म के ट्रेलर से आपको साफ समझ आता है कि फिल्म किस मुद्दे पर बनी है, लेकिन ट्रेलर जितना बता रहा है उससे ज्यादा छुपा रहा है, सो ट्रेलर से बस 2 बातें समझ आ रही हैं, एक ये मराठी-बिहारी के मुद्दे पर बनी है और दूसरी ये कि मनोज बाजपेयी का लुक और एक्टिंग इस बार कमाल करने जा रही है। चूंकि मुद्दा मराठी और उत्तर भारतीय दोनों पक्षों से जुड़ा है, तो लोगों को ये सस्पेंस भी रहेगा कि पलड़ा किस तरफ ज्यादा झुकता है, हो सकता है कि कुछ संवदेनशील मुद्दों पर भी ऐसे सीन हों, जो कल को विवाद की वजह बन सकते हैं।