अभय देयोल यूं तो खुद भी फिल्मी फैमिली से आते हैं, धर्मेन्द्र के भतीजे हैं, बॉबी-सनी के कजिन हैं, लेकिन कंगना की तरह वो भी पूरी फिल्म इंडस्ट्री से नाराज रहते हैं। उनके भाई सनी-बॉबी भी पार्टियों से दूर रहते हैं और वो खुद भी। तमाम बडे़ फिल्मकार इतनी शानदार एक्टिंग के बावजूद अभय को मौका नहीं देते, इसलिए अक्सर वो खुद का गुस्सा रोक नहीं पाते। इस बार सुशांत राजपूत के बहाने उनका गुस्सा निकला है अवॉर्ड्स फंक्शंस पर, खास तौर पर फिल्म फेयर अवॉर्ड्स पर।

फिल्म फेयर अवॉर्ड्स पर यूं तो पहले भी कई बार सवाल उठे हैं, हर अवॉर्ड कमेटी पर उठते ही हैं, लेकिन इस बार इतनी जल्दी जल्दी ये दूसरा मामला हो गया। हाल ही में गीतकार मनोज मुन्तसिर ने ऐलान कर दिया था कि वो भी आमिर खान की तरह किसी भी अवॉर्ड फंक्शन में नहीं जाएंगे। उसकी वजह भी फिल्मफेयर अवॉर्ड्स ही थे। उनके सुपरहिट इमोशनल गीत ‘तेरी मिट्टी में मिल जांवा’ ( फिल्म-केसरी) की जगह गली बॉय के गीत ‘अपना टाइम आएगा’ को बेस्ट सोंग का अवॉर्ड मिल गया। उनको लगा कि उनके साथ चीटिंग हुई है।

अब अभय देयोल इस बात से गुस्सा हैं कि कैसे ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ तीन दोस्तों की मूवी थी, हृतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देयोल और तीनों को ही बराबर का रोल भी मिला था। लेकिन हर अवॉर्ड फंक्शन में हृतिक और कैटरीना को तो बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस के लिए ऩॉमिनेशन मिला, लेकिन उन्हें और फरहान को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के लिए सभी जगह नोमिनेट किया गया। इससे अभय नाराज हो गए थे और उन्होंने तभी से सभी अवॉर्ड फंक्शंस का बॉयकॉट करने का तय कर लिया था। हालांकि वो कहते हैं कि फरहान अख्तर इसके लिए राजी नहीं थे। उन्होंने ये सारी भड़ास इंस्टाग्राम के अपने एकाउंट पर निकाली है

आप देख सकते हैं कि वो कल्कि की तो तारीफ कर ही रहे हैं, फिल्म फेयर अवॉर्ड्स के लिए हैशटेग लगाकर #familyfareawards भी लिख रहे हैं। वो एक लॉबी पर भी सवाल उठा रहे हैं, कहीं ना कहीं उनका हृतिक रोशन पर भी निशाना है, जो करन जौहर कैम्प की फिल्में करते रहे हैं।

हालांकि उन्होंने सोनू निगम की तरह कहीं भी सुशांत का नाम नहीं लिया, लेकिन वाकई सुशांत की मौत ने बॉलीवुड के अंडरवर्ल्ड को बेनकाब कर दिया है। जैसे सोनू निगम ने 2 म्यूजिक कंपनियों की दादागिरी का खुलासा किया कि कैसे वो एक फिल्म में कौन गाएगा, कौन एक्टिंग करेगा से लेकर कौन नहीं गाएगा तक तय करती हैं, वो भी जबरन। अब अभय देयोल ने अवॉर्ड्स फंक्शन की लॉबीइंग पर सवाल उठा दिए हैं। देखिए अभी कितने दर्द इन ग्लैमर की अंधी गलियों से बाहर आते हैं, लेकिन सोचिए कि स्क्रीन पर चमकते तमाम चेहरों के दिल में इतना दर्द हैं, तो वो लोग जो फिल्म इंडस्ट्री के बाकी पेशों से जुड़े होंगे, वहां तो दर्द का सैलाब कैद होगा।