नई दिल्ली: फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद से बॉलीवुड में हंगामा मचा हुआ है. लोग खुलकर नेपोटिज्म पर बात कर रहे हैं, अनुभव सिन्हा जैसे बड़े फिल्म निर्देशक बॉलीवुड छोड़ने का एलान कर चुके हैं. कंगना खुलकर बी-टाउन में फैले भाई-भतीजावाद पर खुलकर बोल रही हैं. कंगना रनौत ने तो इसे प्लान्ड मर्डर बताया है और इसका दोष बॉलीवुड में मौजूद नेपोटिज्म और ग्रुपिस्म पर लगाया है. कुछ लोग सुशांत की आत्महत्या को मर्डर तक बता रहे हैं और सरकार से इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं.

इस बीच सुशांत सिंह राजपूत की विसरा रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है जिसमें कहा गया है कि सुशांत के शरीर में किसी तरह का कोई जहर नहीं था. यानी इस आशंका पर पूर्णत: विराम लग गया कि सुशांत को जहर देकर मारा गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सुशांत की मौत की वजह आत्महत्या बताई गई है वही 25 जून को फाइनल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई थी. जिसमें पांच डॉक्टरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि सुशांत की मौत की वजह फांसी से दम घुटना है. सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को दोपहर में मुंबई के अपने अपार्टमेंट में फांसी लगा ली थी.

गौरतलब है कि 24 जुलाई को ही सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा रिलीज हुई है जिसे दुनियाभर में करोड़ों लोगों ने देखा. अपनी आखिरी फिल्म में भी सुशांत तमाम तकलीफों के बावजूद खुलकर जीने की सीख देकर गए. इससे दिल बेचारा से पहले सुशांत ने फिल्म की थी छिछोरे. इस फिल्म में भी सुशांत ने एक ऐसे पिता का कैरेक्टर प्ले किया था जिसका बेटा एडमिशन ना होने की वजह से सुसाइड करने की कोशिश करता है और फिर वो अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्हें अपनी जिंदगी के किस्से सुनाते हैं कि वो कितने बड़े लूजर थे, इससे उनका बेटा ठीक हो जाता है. अफसोस सुशांत दुनिया को जीने की सीख देकर खुद दुनिया से विदा हो गए.