उज्जैन: यूपी पुलिस के 8 जवानों की हत्या के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से पकड़ा गया या यूं कहें कि उसने खुद को पकड़वा लिया. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अगर उसे पकड़ना ही होता तो जब वो आठ पुलिसकर्मियों का मर्डर कर फरीदाबाद और फिर 1000 किलोमीटर से भी ज्यादा का लंबा सफर कर उज्जैन पहुंचने की कोशिश कर रहा था तब रास्ते में ही पकड़ लिया जाता.

रेड अलर्ट के बावजूद विकास दुबे उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर पहुंचता है और फिर खुद को मैं विकास दुबे हूं कहकर खुद को गिरफ्तार करवाता है तो ये कहना लाजिम है कि विकास दुबे पकड़ा गया. आज सुबह विकास दुबे ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के सामने चिल्ला चिल्लाकर कहा कि मैं विकास दुबे हूं जिसके बाद वहां मौजूद स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया.

इससे पहले खबर थी कि विकास दुबे किसी टीवी चैनल के लाइव शो में आत्मसमर्पण करना चाहता था जिसको लेकर भी पुलिस सतर्क थी. शुरूआती पूछताछ में विकास दुबे ने माना कि उसके यूपी में कई पुलिसकर्मियों से संबंध थे. पूछताछ में उसने ये भी बताया कि पुलिसकर्मियों को गोली मारने के बाद तेल डालकर उनके शवों को जलाने की कोशिश में था. वो जवानों के शव जलाकर सबूत मिटाना चाहता था. बताया जा रहा है कि उसने शुरूआती पूछताछ में बताया कि उसे रेड की खबर पहले से थी लेकिन पुलिस ने सुबह की जगह रात में ही रेड कर दी.

महाकाल मंदिर की सुरक्षा अधिकारी रूबी यादव ने मीडिया को बताया कि विकास_दुबे से जब महाकाल परिसर में पूछताछ हुई तो उसने अपना नाम शुभम बताया जबकि उसके पास नवीन पॉल नाम का आधार कार्ड था. रूबी ने बताया की जब उसे पकड़ा तो वो किसी बंटी को चिल्लाया और इशारा किया की वीडियो बनाओ. सवाल ये भी है कि विकास दुबे के साथ क्या बंटी नाम का कोई और भी शख्स था? अगर हां तो वो बंटी कहां है?