कभी तहव्वुर राणा ने अपनी इम्मीग्रेशन लॉ बिजनेस का प्रतिनिधि बनाकर डेविड हैडली को भारत भेजा था। वो मुंबई के अलग अलग इलाकों में जाकर रेकी करता रहा, वीडियो बनाता रहा, यहां तक कि महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट समेत कई बड़े चेहरों से दोस्ती कर ली। फिर हुआ वो हमला, जिसमें 160 लोग मारे गए, कसाब पकड़ा गया और तार जुड़ते चले गए। नाम सामने आया डेविड हेडली और तहव्वुर राणा का। दोनों अमेरिका में गिरफ्तार तो हो गए, लेकिन भारतीय एंजेंसियों लगातार उनको भारत लाने के प्रयास में लगी रहीं। 2 दिन पहले ही तहव्वुर राणा अमेरिकी जेल से छूटा था, अब फिर से अमेरिका ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, कहा जा रहा है कि अब वो भारत को प्रत्यर्पित किया जाएगा।

डेविड हैडली पाकिस्तान बाप और अमेरिकी मां का बेटा था, उसका कहना था कि उसके स्कूल की बिल्डिंग को 1971 की जंग में भारतीय बमबारी ने तबाह कर दिया था, वो भारत से बदला लेना चाहता था। उसे 35 साल की सजा हुआ लेकिन उसका भारत प्रत्यर्पण नहीं हो सकता। राणा के मामले में ऐसा नहीं है। राणा पाकिस्तानी कनाडियन था, दिखाने को ट्रेवल एजेंसी इम्मीग्रेशन लॉ का बिजनेस चलाता है, लेकिन लश्कर ए तैयबा के ऑपरेशंस में शामिल रहता है।

David Headley | Tahawwur Rana | Lashkar e Taiba | LeT | US ...

भारत का दावा है कि उसी ने डेविड हैडली को भारत में रेकी करने भेजा था, उसे मुंबई हमले की चार्जशीट में मेटीरियल सपोर्ट का दोषी माना गया है। ऐसे में उसे 2011 में अमेरिका की अदालत ने 10 साल की सजा दी थी, भारतीय एजेंसियां उस पर नजर रखी हुई थीं। लेकिन तहव्वुर राणा ने एक चालाकी कर दी, वो जेल में कोरोना पॉजीटिव हो गया। उसके वकील ने कोरोना के बहाने उसकी रिहाई की अर्जी लगा दी और सजा पूरा होने से 1.5 साल पहले ही उसको रिहाई मिल गई। दो दिन पहले ही तो वो जेल से बाहर आया था।

इधर अमेरिकी सूत्रों के जरिए भारतीय एजेंसियों को जैसे ही जानकारी मिली कि तहव्वुर राणा डेढ़ साल पहले ही छोड़ दिया गया है तो वो सचेत हुईं, इधर चीन ने गलवान घाटी में बड़ा खेल कर दिया और भारत के तमाम पॉलटिकल और खुफिया दिग्गज उसी में फंस गए। लेकिन भारत ने ज्यादा देर नहीं की और अमेरिका पर दवाब बनाया और 2 दिन बाद ही तहव्वुर राणा को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। 2018 में एनआईए का एक प्रतिनिधि मंडल इसी काम के लिए अमेरिका गया था, उम्मीद है कि तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द भारत लाकर 2008 के मुंबई हमलों की सजा दी जाएगी।