लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है. 5 अगस्त को पीएम मोदी खुद अपने हाथों से मंदिर की आधारशिला रखेंगे लेकिन इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर एक बार फिर विवाद हो गया है. खबर है कि निर्वाणी छावनी के महंत धर्मदास ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लीगल नोटिस भेजा है जिसमें कहा गया है कि निर्वाणी अखाड़े का राम जन्म भूमि विवाद की कानूनी लड़ाई में अहम रोल है. निर्वाणी अखाड़े ने

अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन की तैयारियां अंतिम चरण में है. इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लेकर एक बार फिर विवाद हो गया है. निर्वाणी छावनी के महंत धर्मदास ने प्रधानमंत्री कार्यालय को लीगल नोटिस भेजा है. निर्वाणी अखाडे़ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जगह न मिलने पर नाराजगी जताई है. निर्वाणी अखाड़े ने पीएमओ को भेजे नोटिस में कहा है कि निर्वाणी अखाड़े का राम जन्म भूमि विवाद की कानूनी लड़ाई में अहम रोल है. नोटिस में महंत धर्मदास ने कहा कि 2 महीने के भीतर उन्हें नए राम मंदिर में पुजारी की भूमिका में लिए जाने का फैसला लिया जाए.

नोटिस में निर्वाणी अखाडे़ के महंत धर्मदाल चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पर विचार नहीं किया जाता है तो वह आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर की कानूनी लड़ाई में निर्वाणी अखाड़ा भी पैरोंकारों में शामिल था. लिहाजा धर्मदास ने राम मंदिर के पुजारी की गद्दी अपना दावा किया है.

निर्वाणी अखाडे़ के महंत धर्मदाल ने कहा कि अगर उनकी मांग पर विचार नहीं किया जाता है तो वह आगे कानूनी कार्रवाई करेंगे. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई के दौरान निर्वाणी अखाड़ा भी पैरोंकारों में शामिल था लिहाजा धर्मदास ने राम मंदिर के पुजारी की गद्दी अपना दावा किया है.

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास हैं, जबकि चंपत राय को महासचिव बनाया गया है. नृपेंद्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है. गोविंद देव गिरी को ट्रस्ट का कोषाध्यक्ष बनाया गया है. अयोध्या विवाद में हिंदू पक्ष के मुख्य वकील रहे 92 वर्षीय के परासरन को राम मंदिर ट्रस्ट में ट्रस्टी बनाया गया है.