नई दिल्ली: बिजली से लेकर हर छोटे-बड़े सामान के लिए भारत को अब चीन पर निर्भर नहीं करना होगा. वाले छोटे-छोटे आइटम को अब भारत में ही बनाने की तैयारी की जा रही है ताकि चीन पर निर्भरता धीरे- धीरे खत्म की जा सके. इस काम में एमएसएमई मंत्रालय की मदद ली जाएगी और उद्यमियों को प्रेरित किया जाएगा कि वो भारतीय बाजारों की जरूरत का हर छोटा बड़ा सामान खुद अपने देश में बनाएं. सरकार का मानना है कि इशसे चीन से आयात में कमी आने के साथ कई ऐसे आइटम का उत्पादन भारत में शुरू हो जाएगा जिससे भारत आत्मनिर्भर बन सकेगा. मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक भारत चीन से करीब 8,000 से अधिक तरह के सामान का आयात करता है.

सूत्रों के मुताबिक चीन से आने वाले कई ऐसे आइटम है जिसका निर्माण भारत में आसानी से किया जा सकता है, लेकिन चीन से सस्ते में आयात करने की सुविधा और भारतीय बाजारों में उस सामान की उपलब्धता कम होने की वजह से व्यापारी चीनी सामान को ही मंगाते थे. उदाहरण के लिए सिंदूर या टूथब्रश जैसे आइटम जो आम घरों में हर रोज इस्तेमाल हो सकते हैं वो भी हम चीन से आयात करते है. महिलाओं का आई-लाइनर लगाने का ब्रश भी चीन से ही आता है. इनकी वहां कीमत 20-30 पैसे पड़ती है इसलिए हर साल करोड़ों रूपये का ब्रश भारत निर्यात करता है.

सेनिटाइजर रखने में इस्तेमाल होने वाले ट्रिगर पंप तक चीन से भारत आता है. चीन में 7 रुपए में बिकने वाले ट्रिगर पंप को चीन भारत में 30 रुपए में भेज रहा है. इसके अलावा कई ऐसे केमिकल हैं जो भारत आयात होते हैं. इन सब वस्तुओं का उत्पाद अब भारत खुद करेगा.