नई दिल्ली: भारतीय संस्कारों में जैसा होता है कि जब कोई नया सदस्य घर पर आता है तो उसे लेने जाया जाता है. वैसा ही कुछ राफेल विमान के साथ भी हुआ. भारतीय सीमा में घुसते ही राफेल को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई-30 ने कवर किया और उसे सुरक्षित अंबाला बेस कैंप तक लेकर आए. फ्रांस से सात हजार किलोमीटर की यात्रा करके भारत पहुंचे पांच राफेल लड़ाकू विमानों को लेने दो सुखोई-30 विमान भेजे गए थे. भारतीय वायुसेना ने राफेल विमानों की तस्वीरें ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा कि सुखोई SU-30s ने राफेल विमानों का स्वागत किया. तस्वीरों में कुल सात विमान नजर आ रहे हैं, जिसमें से दो विमान सुखोई हैं, जबकि अन्य पांच लड़ाकू विमान राफेल हैं.

रक्षा मंत्रालय ने भी आसमान में उड़ रहे राफेल और सुखोई विमानों की तस्वीरें ट्विटर पर साझा की है. मंत्रालय ने लिखा कि भारतीय वायु सीमा में प्रवेश करने के बाद पांचों राफेल विमानों को दो सुखोई SU30 MKIs विमानों ने एस्कॉर्ट किया. इससे पहले पांचों राफेल विमानों ने जब भारतीय सीमा में प्रवेश किया तो उनका सबसे पहले स्वागत नौसेना ने किया. भारतीय नौसेना के आईएनएस कोलकाता ने राफेल का स्वागत करते हुए कहा कि आप गर्व के साथ आसमान की ऊंचाइयों को छुएं. हैप्पी लैंडिंग. इसके बाद राफेल की ओर से जवाब दिया गया कि हवाएं हमारे अनुकूल हैं. हैप्पी हंटिंग

गौरतलब है कि पांच राफेल विमानों के सोमवार को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी थी और वो करीब 7 हजार किलोमीटर का सफर तय कर आज करीब तीन बजे अंबाला एयरबेस पहुंची. फ्रांस से चलने और भारत में उतरने के बीच राफेल विमान संयुक्त अरब अमीरात में रुका, जहां से बुधवार को सुबह ग्यारह बजे के करीब उसने टेक ऑफ किया.