बड़ी तेजी से खबर आई कि लद्दाख की गलवान वैली में 1 लेफ्टिनेंट कर्नल और 2 जवानों को चीनी सैनिकों ने गोली से भून दिया है। फौरन मोदी पर हमलावर हो गए कांग्रेसी और 56 इंच के सीेने से लेकर गद्दी से उतर जाने तक की मांग करने लगे। इधर आर्मी ने कहा कि दोनों तरफ के अफसर इस मुद्दे पर बैठ कर बातें कर रहे हैं, लेकिन तब तक कांग्रेस के लोग बुरी तरह हमलावर हो चुके थे

इधर आर्मी ने भी अपना बयान जारी किया, लग रहा था कहीं ना कहीं कोई गड़बड़ है, चीन सीधे फायर नहीं खोल सकता वो भी तब जबकि वो पीछे हटने को तैयार हो गया है, ढाई किलोमीटर पीछे जा रहा है

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यानी एक बात तय हो गई कि ना तो ये आज की बात है, बल्कि ये कल रात की बात है और दूसरे चीन की तरफ से गोलियां नहीं चलाई गईं, बल्कि दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर हिंसक संघर्ष हुआ है, जिसमें हथियारों की इस्तेमाल नहीं हुआ है और ऐसी हिंसक झड़पें वहां होती रही हैं। लेकिन इस पर चीन के विदेश मंत्री ने सीधे भारत पर ही आरोप मढ़ दिया है

चीन के सबसे बड़े अखबार ग्लोबल टाइम्स ने चीन के विदेश मंत्री का बयान छापा है कि 2 बार भारतीय सैनिकों ने बॉर्डर क्रॉस किया और इस बार ये गंभीर रुप से किया गया था, जिसके चलते दोनों पक्षों में हिंसक झड़पें हुईं। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि चीनी पक्ष से भी सैनिकों की मौत हुई है, लेकिन चीन इस बात को छुपा रहा है और भारत की छुपाने की नीति नहीं है, वरना भारत बातचीत को तैयार कतई नहीं होता।

सो अभी इस मामले में खबरे अभी आनी है, हम अपडेट करते रहेंगे। चीन से मीटिंग खत्म होने के बाद भारतीय सेना मीडिया को, देश को बताएगी कि वाकई में हुआ क्या था। लेकिन ये सच है कि पिछले 40 साल से शायद भारत चीन सीमा पर कोई मौत नहीं हुई है।